Discover Krishna's stories, wisdom of the Bhagavad Gita, Indian traditions, sacred mantras and the spirit of Janmashtami — through an interactive digital journey.
कृष्ण केवल एक नाम नहीं हैं।
वे एक विचार हैं — धर्म का, कर्म का, प्रेम का और जीवन को समझने का।
“Mann Mein Madhav”
उसी विचार को आज की digital generation तक पहुँचाने की एक छोटी सी कोशिश है।
बाल कृष्ण से लेकर अर्जुन के सारथी तक — कृष्ण की यात्रा भारतीय संस्कृति और दर्शन की एक महत्वपूर्ण कथा है।
कृष्ण का जन्म मथुरा में देवकी और वसुदेव के यहाँ हुआ। उनके बचपन की अनेक कथाएँ गोकुल और वृंदावन से जुड़ी हैं।
बाल कृष्ण की माखन चोरी की कथाएँ केवल शरारत नहीं, बल्कि भक्ति परंपरा में प्रेम और बाल-सुलभ आनंद का प्रतीक भी हैं।
कालिया नाग की कथा कृष्ण की शक्ति और यमुना को विष से मुक्त करने की कथा के रूप में प्रसिद्ध है।
कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा ब्रज संस्कृति में आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कृष्ण ने मथुरा पहुँचकर अत्याचारी कंस का अंत किया और अपने माता-पिता को मुक्त कराया।
कुरुक्षेत्र में कृष्ण ने अर्जुन के सारथी बनकर उन्हें कर्म, धर्म और आत्मज्ञान का मार्ग बताया।
जन्म से द्वारका तक कृष्ण के जीवन के प्रमुख पड़ाव।
कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ। कंस के अत्याचार से उनकी रक्षा के लिए उन्हें गोकुल ले जाया गया।
नंद और यशोदा के स्नेह में कृष्ण का बाल्यकाल बीता और उनकी अनेक बाल लीलाएँ प्रसिद्ध हुईं।
गोपियों, ग्वाल-बालों और राधा के साथ कृष्ण की वृंदावन की कथाएँ भारतीय भक्ति परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
महाभारत के युद्ध से पहले कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया।
कृष्ण के जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण द्वारका से जुड़ा है, जिसे यादवों की राजधानी के रूप में परंपरा में वर्णित किया जाता है।
हजारों वर्ष पुरानी सीख — आज की जिंदगी के लिए।
कुछ क्षण रुकिए। सुनिए। महसूस कीजिए।
A devotional bhajan
Digital Japa — 108 repetitions.
अपने मन की बात लिखिए — और Gita-inspired perspective पाइए।
थोड़ा रुकना।
थोड़ा सोचना।
और अपने भीतर के माधव को सुनना।